रायगढ़। चांदमारी क्षेत्र निवासी एक परिवार ने भवानी शंकर षड़ंगी स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित देव लाल बरेठ ने बताया कि उनका पुत्र दीपांशु बरेठ कक्षा 4 में अंग्रेजी माध्यम से उक्त स्कूल में अध्ययनरत था। पारिवारिक कारणों से वे अपने बच्चे का अन्य विद्यालय में प्रवेश कराना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट की मांग की।

देव लाल बरेठ के अनुसार, एक सप्ताह पूर्व उन्होंने कक्षाचार्य से संपर्क किया, जहां से उन्हें प्राचार्य से मिलने के लिए कहा गया। प्राचार्य द्वारा पहले सभी लंबित फीस जमा करने की शर्त रखी गई, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया। इसके बाद भी जब वे पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत यादव के साथ टीसी लेने पहुंचे, तो प्राचार्य प्रहराज कथित रूप से भड़क गए। आरोप है कि प्राचार्य ने अभिभावकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और टीसी देने से साफ इनकार कर दिया।

इतना ही नहीं, उन्होंने पार्षद प्रतिनिधि का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि प्राचार्य ने देव लाल बरेठ की पत्नी आरती बरेठ के साथ भी अनुचित व्यवहार करते हुए उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की। इस घटना से आहत परिवार ने पहले कोतवाली थाना, फिर एसडीएम कार्यालय और अंततः जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ के व्ही राव ने आहत परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए टी सी दिलवाने और अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया है।
