रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और नाबालिग बालिका को देह व्यापार में धकेले जाने के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कोतरा रोड़ थाना पुलिस ने 17 वर्षीय पीड़िता बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश के नेटवर्क से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस के अनुसार, बालिका को काम दिलाने का झांसा देकर उसकी जानकारी वाली लड़की चमेली ने रायगढ़ लाया, जहां बिन्दिया रात्रे, अभय यादव, चिकू खान और पूजा उर्फ बॉबी ने उसे दूसरे दिन सागर मध्यप्रदेश पहुंचाया और वहां 1.50 लाख रुपये में सुनील दिक्षित को जबरन शादी कराने के नाम पर बेच दिया, जिसने बालिका के साथ दुष्कर्म किया। बाद में बालिका ने अवसर पाकर रेल मार्ग से रायगढ़ लौटकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले में अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू हुई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि बालिका को सुनील को बेचकर प्राप्त रकम को आपस में बांटा गया और खर्च के बाद बचे 7000 रुपये नकदी व मोबाइल जप्त किए गए। रायगढ़ पुलिस ने चमेली, बिन्दिया, चिकू, पूजा और सुनील दिक्षित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया, जबकि आरोपी अभय यादव की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में पीटा एक्ट के तहत चेतावनी दी जा चुकी है और इस तरह के मानव तस्करी मामलों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
