रायगढ़। कयाघाट में प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण को लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक अमला मकान-दुकान तोड़ने जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचा। दो दिन पहले तहसीलदार शिव डनसेना द्वारा संबंधित परिवारों को मकान खाली करने का आदेश दिया गया था। आदेश के तहत आरआई, पटवारी और इंजीनियरों की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

हालांकि, स्थानीय रहवासियों ने इसका विरोध किया और जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया। वार्ड पार्षद अक्षय कुलदीप और राजेंद्र ठाकुर ने हस्तक्षेप करते हुए बताया कि संबंधित जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शासन के रिकॉर्ड में दर्ज खसरा नंबर 3 से जुड़े प्रकरण पर कमीशन न्यायालय बिलासपुर और जिला न्यायालय रायगढ़ में सुनवाई चल रही है। इस संबंध में एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर कार्यालय को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है।

पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि न्यायालय में लंबित मामले के बावजूद तोड़फोड़ की गई तो इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना मानते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विरोध के बाद प्रशासन ने फिलहाल कुछ दिनों की मोहलत दे दी।
वहीं पीड़ित उत्तम कुमार कुर्रे ने कहा कि उन्हें ओवरब्रिज निर्माण से आपत्ति नहीं है, लेकिन आवश्यकता से अधिक हिस्सा तोड़े जाने पर उनका परिवार बेघर हो जाएगा। उन्होंने केवल आवश्यक भाग अधिग्रहित करने की मांग की है।