रायगढ़। सुख-दुख के साथी फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश दुबे के पिता की पुण्यतिथि के अवसर पर रायगढ़ के सांगीतराई स्थित अपना घर आश्रम में सेवा कार्य किया गया। इस दौरान फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आश्रम पहुंचकर जरूरतमंदों को भोजन कराया और उनके साथ समय बिताया।

इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करना समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। फाउंडेशन द्वारा समय-समय पर इसी तरह के विभिन्न सामाजिक एवं सेवा कार्य किए जाते हैं।

अध्यक्ष सुरेश दुबे ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सेवा करने से मन को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। यही सीख उन्हें अपने पूर्वजों से मिली है और वे समाज के युवाओं तक भी इस विचार को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुख-दुख के साथी फाउंडेशन भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाएगा। संगठन द्वारा गरीब कन्याओं के विवाह, सेवा तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग और योगदान दिया जाता है। फाउंडेशन का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
