रायगढ़। ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला रायगढ़ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें जिले के सभी विकासखंडों से आए लगभग 90 नवनियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण दो पृथक बैचों में संपन्न हुआ, ताकि प्रत्येक प्रतिभागी को विषय की गहन जानकारी दी जा सके।

कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. केनन डेनियल के मार्गदर्शन में किया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। मुख्य प्रशिक्षक अतीत राव और निशा पटेल ने प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर मानसिक रोगों की प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं उचित रेफरल प्रणाली को सुदृढ़ करना रहा। अधिकारियों को अवसाद, चिंता विकार, नशा संबंधित समस्याएं और अन्य मानसिक विकारों के शुरुआती लक्षण पहचानने की तकनीक सिखाई गई। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘टेली-मानस’ टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे ग्रामीण नागरिक घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल से डिजिटल माध्यमों के जरिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।