रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे को लेकर नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन यूनियन्स ने गहरा आक्रोश जताया है। इस दुर्घटना में 23 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें सिंगरौली निवासी किस्मत अली सहित अन्य मजदूर शामिल हैं। संगठन ने इसे महज हादसा नहीं, बल्कि प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही करार दिया है।
NFIU के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर संभाग के श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बॉयलर फटना सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। संगठन ने मांग की है कि सुरक्षा ऑडिट में विफल अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इसके साथ ही मृतक श्रमिकों के परिजनों को 1.80 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की गई है। घायलों के संपूर्ण इलाज का खर्च कंपनी द्वारा उठाने पर भी जोर दिया गया। संगठन ने जिले के सभी पावर प्लांट्स का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। साथ ही, जब तक पीड़ितों को न्याय और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक संबंधित यूनिट का संचालन बंद रखने की बात कही गई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल पटनायक ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।