रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र में सड़क मद की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि तहसील न्यायालय द्वारा स्टे दिए जाने के बावजूद भी निर्माण कार्य नहीं रुका है। यह मामला रायगढ़–पुसौर ब्लाक अंतर्गत खसरा नंबर 201 की भूमि से जुड़ा है, जो पुसौर के बोरोडीपा चौक से शुकुल भटली होते हुए रायगढ़ की ओर जाने वाली सड़क के लिए आरक्षित है। उक्त सड़क का निर्माण पीएमजीएसवाई योजना अंतर्गत प्रस्तावित है।

जानकारी के अनुसार सड़क मद की लगभग 300 फीट भूमि पर आधा दर्जन लोगों ने अनाधिकृत रूप से कब्जा कर लिया है। इसके चलते सड़क और नाली का निर्माण बाधित हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी सड़क भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत कर दिए गए हैं, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि स्पष्ट रूप से सड़क मद की दर्ज है।


विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण अब तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कब्जाधारी 25–30 वर्षों से मकान बनाकर रहने का दावा कर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। जबकि सड़क भूमि पर पीएम आवास की स्वीकृति नियम विरुद्ध मानी जाती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुसौर तहसीलदार अनुराधा पटेल ने जनहित में स्टे आदेश जारी किया है।

इसके बावजूद अवैध कब्जाधारियों द्वारा कॉलम-बीम डालकर पक्के मकान का निर्माण शुरू कर दिया गया है। शुकुल भटली के ग्रामीणों ने बार-बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को फिर तहसीलदार के समक्ष शिकायत रखी गई, जिस पर उन्होंने आदेश की अवमानना होने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम और पीएमजीएसवाई विभाग को भी आवेदन देकर अवगत कराया है। जिले में अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन सड़क मद की भूमि से निजी कब्जा कब हटेगा, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।